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What Are The Signs & Symptoms Of Bipolar Disorder?

क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके ?

August 3, 2023

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बाइपोलर डिसऑर्डर एक ऐसी गंभीर मानसिक स्थिति में जिसमें व्‍यक्ति की सोचने की क्षमता या उसकी भावनाएं स्थिर नहीं रहती है। और इस स्थिति में कई दफा व्‍यक्ति अपने व्‍यवहार पर भी नियंत्रण नहीं रख पाता है। तो चलिए जानते है की आखिर क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर और साथ ही इसके लक्षण, कारण व बचाव के तरीके क्या है ;

क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्या ?

  • बाइपोलर डिस्‍आर्डर एक कॉम्प्लेक्स मानसिक बीमारी है, जिसमें रोगी का मन लगातार कई महीनों या हफ्तों तक या तो बहुत उदास रहता है या फिर बहुत ज्यादा उत्साहित रहता है। इस तरह की अवस्था अत्यधिक मूड स्विंग्स का कारण भी बनता है । 
  • बाइपोलर डिसऑर्डर एक साइक्लिक डिसऑर्डर है, जिसमें पीडि़त व्यक्ति की मनोदशा बारी-बारी से दो अलग और विपरीत अवस्थाओं में जाती रहती है।
  • इस तरह की समस्या का शिकार व्यक्ति अचानक से तनाव में आ जाता है और उसका आत्‍मविश्‍वास एकदम से अंत तक चला जाता है। जबकि दूसरे ही पल में वह एकदम शांत हो जाता है। 
  • वहीं इस बीमारी में कई बार व्यक्ति चाहकर भी अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख पाता। आमतौर पर यह बीमारी नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में ज्यादा पाई जाती है।

यदि आप भी मानसिक रूप से कुछ भी सोचने या करने में असमर्थ है, तो इसके लिए आप पंजाब में मानसिक रोग विशेषज्ञ का चयन कर सकते है।

बाइपोलर डिसऑर्डर के क्या कारण है ?

  • इसके सबसे बड़े कारणों की बात करें तो वो है, आनुवांशिक कारण।
  • मस्तिष्क में होने वाले भौतिक बदलाव बाइपोलर डिसऑर्डर के लिए जिम्मेदार होते है। 
  • नशीले पदार्थों का बहुत ज्यादा सेवन करना और बहुत ज्यादा तनाव में रहना भी इसके मुख्य कारण हो सकते है। 

इसके कारणों के बारे में और विस्तार से जानने के लिए आप लुधियाना में बेस्ट साइकेट्रिस्ट से जरूर सलाह लें।

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण क्या है ?

  • ऊर्जा में वृद्धि का होना। 
  • मूड का अचानक से उत्साहित होना। 
  • शारीरिक और मानसिक गतिविधि में वृद्धि का आना। 
  • तेज गति से विचार करना या स्‍पीच देना। 
  • गलत फैसला लेना। 
  • नींद में कमी का आना। 
  • बिना सोचे समझे खराब ड्राइविंग करना। 
  • वहीं तनाव के कारण होने वाले लक्षणों की बात करें, तो वो है, चिड़चिड़ापन या उदासी का होना। 
  • चिंता और क्रोध की भावना। 
  • एकाग्रता में कमी का आना। 
  • आत्महत्या की भावना का उत्पन्न होना आदि।

बाइपोलर डिसऑर्डर से कैसे करें खुद का बचाव ?

  • अगर किसी व्‍यक्ति के परिवार में कोई सदस्‍य बाइपोलर डिसऑर्डर से प्रभावित है, तो उसे इसके शुरुआती लक्षणों के बारे में बताकर जागरुक किया जा सकता है।
  • पर्याप्‍त नींद लेकर भी आप इस तरह की समस्या से खुद का बचाव कर सकते है। 
  • चिंता चिता के सामान है, इसलिए इससे कैसे डील कैसे करें इसके बारे में जरूर सीखे।
  • ज्‍यादा मात्रा में ड्रग और कैफीन लेने से बचे, इत्यादि।

बाइपोलर डिसऑर्डर का उपचार क्या है ?

  • इसके उपचार में आपके डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां दे सकते है, जिससे की इसके लक्षण को कम किया जा सकें, जैसे ; 
  • एंटी साइकोटिक्स, की दवा आपके लक्षण को कंट्रोल करती है। 
  • मूड स्टेबलाइजर, की दवा भी लक्षण को कम करने के लिए डॉक्टर के द्वारा दी जाती है। 
  • एंटी डिप्रेसेंट, की दवा भी बाइपोलर डिसऑर्डर में काम आती है लेकिन इस दवाई के नुकसान देखने को मिले है, इसलिए इसको लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले। 
  • एंटी एंजाइटी की दवा, पर ध्यान रहें इन दवाइयों को डॉक्टर के सलाह पर ही लें।

बाइपोलर डिसऑर्डर होने पर लाइफस्टाइल में क्या बदलाव लाए !

  • रोजाना एक्सरसाइज करें और अच्छी नींद के लिए आप एरोबिक एक्सरसाइज (साइकिल चलाना, तैरना या दौड़ना) कर सकते है। 
  • हेल्दी डाइट को भी आपको अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। 
  • अल्कोहल और ड्रग्स से दुरी बनाकर आप बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्या से आसानी से निजात पा सकते है।

बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज के लिए बेस्ट हॉस्पिटल !

अगर आप मानसिक रूप से पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है, तो इससे बचाव के लिए आपको मानस हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए।