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तनाव बन रहा है उच्च रक्तचाप होने का कारण, जानें एक्सपर्ट्स से कैसे पाएं निदान ?

तनाव बन रहा है उच्च रक्तचाप होने का कारण, जानें एक्सपर्ट्स से कैसे पाएं निदान ?

November 9, 2024

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उच्च रक्तचाप या फिर हाई ब्लड प्रेशर एक आम समस्या की तरह होता है, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है | उच्च रक्तचाप एक ऐसी दीर्घकालिक स्थिति है, जिससे दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग, इससे जूझ रहे है | हालांकि इसके विकास में कई तरह के कारकों का योगदान होता है, लेकिन इन कारकों में से तनाव सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है, जो उच्च रक्तचाप होने का मुख्य कारण बनता है | आइये जानते है उच्च रक्तचाप क्या होता है :- 

 

उच्च रक्तचाप क्या होता है ? 

 

उच्च रक्तचाप की समस्या तब उत्पन्न होती है, जब शरीर में मौजूद धमनियों की दीवारों के खिलाफ, रक्त का बल लगातार बढ़ते जाता है | यह स्थिति हृदय से जुड़े रोग, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी फेलियर सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन जाते है | सामान्य रक्तचाप की रीडिंग लगभग 120/80 mm Hg तक होती है, जबकि उच्च रक्तचाप की रीडिंग लगभग 130/80 mm Hg तक या फिर इससे भी स्तर तक पहुंच जाती है | 

Blood pressure measurement at Manas Hospital, a leading healthcare center in Ludhiana.

तनाव का शरीरक्रिया विज्ञान 

 

तनाव शारीरिक प्रतिक्रिया का एक श्रृंखला को ट्रिगर करने का कार्य करता है, जिसे “लड़ो या भागो” प्रक्रिया के नाम से भी जाना जाता है | जब आप किसी भी खतरे में होते हो या फिर महसूस करते है तो इससे आपका शरीर कार्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे तनाव जारी करने लग जाता है | इस स्थिति के दौरान निम्नलिखित हार्मोन ऐसे खतरे को जवाब देने के लिए तैयार रहते है : 

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  • हृदय गति में वृद्धि होना :- मांसपेशियां को अधिक रक्त की आपूर्ति को पूरा करने के लिए आपका हृदय से तेज़ी से पंप करने लग जाता है | 

 

  • रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना :- इस दौरान रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाते है, ताकि रक्त प्रवाह को आवशयक अंगों और मांसपेशियों तक पहुंचाया जा सके | 

 

  • उच्च रक्तचाप का होना :- बढ़ी हुई हृदय गति और रक्त वाहिका सिकुड़न के संयुक्त प्रभाव से रक्तचाप में अस्थायी रूप से वृद्धि होने लग जाता है | 

 

हालांकि यह प्रतिक्रियाएं तीव्र क्षणभंगुर स्थितियों के लिए बेहद लाभदायक होते है, लेकिन यह दीर्घकालिक स्थिति शरीर को अत्यधिक सतर्कता की स्थिति में रख सकता है, जिसके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकते है | 

 

तनाव और उच्च रक्तचाप के बीच का संबंध 

 

  • तनाव की स्थिति में शरीर में हार्मोन का उत्पादन तेज़ी से होने लग जाता है, जिसकी वजह से दिल की धड़कन काफी तेज़ हो जाती है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती है, इससे रक्तचाप अस्थायी रूप से बढ़ने लग जाता है | 

 

  • आमतौर खतरे के टल जाने के बाद रक्तचाप काफी हद तक सामान्य हो जाता है, हालांकि इसके बाद भी अगर आप लगातार तनाव में रहते है तो इससे रक्तचाप हमेशा बढ़ा हुआ रह सकता है | 

 

  • तनाव के प्रति अस्वास्थ्यकर तरीके से प्रतिक्रिया को करने से उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा और ब्रेन स्ट्रोक जैसे  जोखि कारक बढ़ सकते है | 
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  • चिंता और उच्च रक्तचाप एक दूसरे के लक्षण होते है, क्योंकि चिंता उच्च रक्तचाप के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है और उच्च रक्त चाप चिंता की भावनाओं को बढ़ाता है | 

 

  • उच्च रक्तचाप को मेडिकल टर्म में साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि कई वर्षों तक इसके उच्च स्तर होने के बावजूद भी यह किसी भी तरह के लक्षण को पैदा नहीं करता है | 

 

तनाव और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कैसे करें ? 

 

तनाव को कम करने के लिए और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आप निम्नलिखित तरीकें को अपना सकते है :- 

 

व्यायाम करें 

तनाव और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए | ऐसा करने से आपको उच्च रक्तचाप और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है | इसलिए प्रतिदिन मध्य तीव्रता वाले व्यायाम को करें, जिनमे तेज़ चलना, साइकिलिंग, तैराकी आदि शामिल है | 

 

संतुलित आहार को अपनाएं 

स्वास्थ्य भोजन को अपनाने से आपको उच्च रक्तचाप और उसकी जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है | इसलिए अपने संतुलित आहार में फल, सब्ज़ियां और सबूत अनाज को शामिल करें | 

 

वजन को नियंत्रित करें 

अनियमित रूप से बढ़ा हुआ वजन और मोटापा उच्च रक्तचाप के खतरे को बढ़ाने का कार्य करता है | इसलिए अपने वजन को नियंत्रित करें, क्योंकि एक स्वस्थ वजन उच्च रक्तचाप और तनाव को कम करने में सहायक होता है | 

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तनाव का प्रबंधन करें 

तनाव को कम करने के लिए कुछ ऐसी गतिविधि करें, जिससे आपको आरामदायक महसूस होता हो, जैसे की संगीत को सुने, व्यायाम करें, किसी शांतिपूर्ण चीज़ पर ध्यान केंद्रित करना आदि | 

 

शराब और धूम्रपान का सेवन कम करें 

शराब और धूम्रपान जैसे नशीले पदार्थ, तनाव और उच्च रक्तचाप के स्तर को बढ़ाने का काम करते है, जिससे रक्त वाहिकाओं को काफी पहुँचता है | इसलिए शराब और धूम्रपान का सेवन बिलकुल ही कम करें |     

यदि यह सब युक्तियों को अपनाने के बाद भी आपकी स्थिति पर किसी भी प्रकार का सुधार नहीं आ रहा है, तो बेहतर यही है की आप किसी अच्छे विशेषज्ञ के पास जाकर अपना इलाज करवाएं, ताकि जल्द से जल्द आपको इस समस्या को कम करने में सहायता प्राप्त हो सके, क्योंकि स्थिति गंभीर होने पर यह दिल का दौरा या फिर ब्रेन स्ट्रोक जैसी स्थिति को उत्पन्न कर सकता है | 

 

इलाज के लिए आप मानस हॉस्पिटल से भी परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सभी डॉक्टर्स पंजाब के बेहतरीन सायकार्टिस्ट में से एक है, जो पिछले 20 वर्षों से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज करने में उनकी पूर्ण रूप से सहायता कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही मानस हॉस्पिटल की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट में मौजूद नंबरों से भी संपर्क कर सकते है |