क्या ज्यादा सोचने से दिमाग को हो सकता है भारी नुकसान? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!
दरअसल, आज के समय में ज्यादातर लोग अपने काम में ही व्यस्त रहते हैं और उसके बारे में सोचते ही रहते हैं। आम तौर पर, चाहे वो किसी भी प्रकार का काम हो एक व्यक्ति को इसकी वजह से काफी ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ती है। इसी की वजह से बहुत से लोगों का दिमाग पूरी तरीके से बिलकुल भी शांत नहीं रहता है और वह किसी न किसी उलझन में फंस जाते हैं। इस लिए, आज की तेज रफ्तार भरी जिंदगी में ओवरथिंकिंग करना यानी कि जरूरत से ज्यादा सोचना लोगों में एक आम समस्या बन चुकी है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि किसी न किसी बात पर बार-बार सोचते रहना चाहे वो छोटी सी ही क्यों न हो, आने वाले भविष्य की चिंता करते रहना, किसी भी बीती बात को दिमाग में बार -बार दोहराते रहना और साथ में, अपने दिमाग को पिछली बातों को और ज्यादा सोचने पर मजबूर करना आदि यह सभी ओवरथिंकिंग के लक्षण हो सकते हैं, जिन पर कंट्रोल रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। अगर वक्त रहते इन लक्षणों पर नियंत्रण न पाया जाये, तो यह आगे चलकर दिमाग के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकते हैं।
आम तौर पर, इसके साथ ही काम का काफी ज्यादा दबाव रहना, भविष्य की चिंता करना, रिश्तों में किसी न किसी बात की उलझन रहना और साथ में सोशल मीडिया पर होने वाली चीजों की तुलना अपने से करना, दरअसल यह सभी चीजें मिल कर आपको सोचने पर काफी ज्यादा मजबूर कर देती हैं। लगातार नेगेटिव सोचने से दिमाग को बिलकुल भी आराम नहीं मिल पाता, जिसकी वजह से धीरे-धीरे मेंटल थकान बढ़ जाती है। दरअसल, इस को ही ओवर थिंकिंग कहा जाता है। दरअसल, शुरू -शुरू में ओवरथिंकिंग आपको काफी ज्यादा आम लग सकती है, पर जब जरूरत से ज्यादा सोचना आपकी रोजाना की एक आदत बन जाये, तो यह मन के साथ -साथ आपके दिमाग की सेहत को भी बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। असल में, ज्यादा सोचने से हमारा दिमाग काफी ज्यादा खराब हो जाता है, पर क्या वाकई ऐसा होता है? ऐसे में बहुत से लोग इसके बारे में जानने के लिए इच्छुक हैं, क्या सच में ज्यादा सोचने पर दिमाग को भारी नुकसान होता है? दरअसल, हाँ ज्यादा सोचने पर दिमाग को भरी नुक्सान पहुंच सकता है, जिसकी वजह से आपको तनाव, दिमाग की कोशिकाओं को नुक्सान पहुंचाने वाले कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ना, याददाश्त कमजोर होना, कुछ भी सीखने की शक्ति कम होना जैसी समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इसके डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
ओवरथिंकिंग और मेंटल हेल्थ के बीच कनेक्शन
दरअसल, ज्यादा सोचना एंग्जायटी, डिप्रेशन और पैनिक डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याओं से जुड़ा हुआ होता है। आम तौर पर, जब हमारा दिमाग एक चीज को बार- बार सोचता रहता है और उस विचार में लगातार उलझा हुआ रहता है, तो दिमाग इस दौरान किसी नई चीज जैसे पॉजिटिव विचारों के लिए जगह नहीं बना पाता है। इसकी वजह से एक व्यक्ति को नींद में समस्या, चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जो धीरे- धीरे दिमाग की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर देती हैं।
ओवर थिंकिंग को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?
डॉक्टर के अनुसार, ओवर थिंकिंग पर नियंत्रण पाने के लिए सबसे पहले आपको इसकी पहचान करना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके बाद, मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग करना दिमाग के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। यह दिमाग को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, इसको कंट्रोल करने के लिए आप खूब पानी पीना, अपना स्क्रीन टाइम कम करना जैसी आदतों को अपना सकते हैं। इससे ओवर थिंकिंग को कम करने में काफी मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: आज की तेज रफ्तार भरी जिंदगी में ओवरथिंकिंग करना यानी कि जरूरत से ज्यादा सोचना लोगों में एक आम समस्या बन चुकी है। लोगों को शुरू- शुरू में यह काफी आम लग सकती है, पर जब जरूरत से ज्यादा सोचना आपकी रोजाना की एक आदत बन जाये, तो यह दिमाग को भारी नुकसान पहुंचा सकती है, जिसकी वजह से आपको कई तरह की समस्याओं का समाना करना पड़ सकता है। अगर वक्त रहते इसको कंट्रोल न किया जाये, तो यह न केवल दिमाग की सेहत को बल्कि शारीरिक सेहत को भी काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। बैलेंस्ड सोच, सेहतमंद लाइफस्टाइल और साथ में मानसिक जागरूकता की मदद से ओवर थिंकिंग को कंट्रोल किया जा सकता है। जितना शरीर को आराम देना महत्वपूर्ण होता है, दरअसल उतना ही महत्वपूर्ण दिमाग को आराम देना होता है। अगर ओवर थिंकिंग
काफी ज्यादा बढ़ जाए, तो आपको तुरंत किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट को संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दिमाग से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मानस अस्पताल में जाकर पानी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।