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हृदय रोग और तनाव से जुड़े कुछ जोखिम कारक, जिसके बारे में जानना है बेहद ज़रूरी ?

हृदय रोग और तनाव से जुड़े कुछ जोखिम कारक, जिसके बारे में जानना है बेहद ज़रूरी ?

October 8, 2024

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लंबे समय तक अत्यधिक तनाव लेने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हो जरता है | यदि आप अक्सर तनावग्रस्त से गिरे हुए रहते है और इसे प्रबंधित करने के लिए आपके पास कोई अच्छे तरीके मौजूद नहीं है तो इससे आपको उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधित समस्याएं, सीने में दर्द या फिर अनियमित दिन की धड़कन होने की संभावना हो सकती है | तनाव अपने आप में ही एक गंभीर समस्या होती है | यह रक्तचाप को बढ़ाने का कार्य करता है, जो आपके शरीर के स्वास्थ्य के लिए बिलकुल सही नहीं होता | 

 

मानस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर राजीव गुप्ता, जो की पंजाब के बेहतरीन सायकार्टिस्ट में से एक है, उनका कहना है कि तनाव शरीर में मौजूद रक्त के थक्कों के तरीके के बदलाव में मदद करता है, जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना को बढ़ जाती है | इसलिए यदि आप अपने तनाव को किस भी तरह से संभाल रहे है, तो यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत मायने रखता है | 

 

यदि आप धूम्रपान और शराब जैसी नशीली पदार्थ, अधिक खाने का सेवन या फिर व्यायाम बिलकुल नहीं  करते है तो इससे आपकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है, यदि इसके विपरीत आप नियमित रूप से व्यायाम करते, लोगों से जुड़ते है, संतुलित भोजन का सेवन करते है और तनाव होने के बावज़ूद इसके मतलब को ढूढ़ते है तो इससे आपकी भावनाओं में और शारीरिक स्वास्थ्य में काफी सुधार आ सकता है |    

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हृदय रोग और तनाव से जुड़े होने वाले जोखिम कारक    

 

  • अत्यधिक तनाव लेने से हृदय रोग के जोखिम कारक बढ़ सकता है | तनाव से रक्तचाप, सूजन, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइगिलराइड्स का स्तर बढ़ जाता है | तनाव से हृदय की गति भी काफी असंतुलित हो जाती है | तनाव को कम करने के लिए अधिक खानपान, शराब का सेवन और धूम्रपान करना हृदय के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है | 
  • अस्वास्थ्यकर आदतें जैसे कि धूम्रपान करना, शराब जैसी नशीली पदार्थों का सेवन, ज्यादा नमक, मीठा और अधिक वसा वाले भोजन का सेवन, शारीरिक रूप से सक्रिय न होना, तनाव को बढ़ावा देता है, जिससे आपका हृदय स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है |  

 

  • काम से जुड़े चिंताए या फिर तलाक से गुजरना, आपके भावनात्मक स्थिति को प्रभावित कर सकता है, जिससे व्यक्ति अधिक तनाव में रहने लगता है | 

 

  • गर्भावस्था के शुरुआती में गर्भनिरोधक दवाओं के सेवन से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन का स्तर काफी अधिक मात्रा में बढ़ जाता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बाद सकता है |  
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हृदय रोग और तनाव से जुड़े कुछ प्रभावी प्रबंध युक्तियाँ और तकनीकें 

 

  • अपने तनाव को कम करने के लिए, जो भी संभव हो सके, उसे परिवर्तन करें | ऐसा करने से आप तनाव को कम करने की कोशिश कर सकते है | 

 

  • किसी भी काम को करने के लिए सहमत होने से पहले उस काम पर एक बार विचार करें, कि क्या आप वह काम करने के लिए सक्षम है | उन कामों बिलकुल न करें जो आपके जीवन में तनाव को बढ़ाता है | 

 

  • अंग्रेज़ी में एक कहावत है “से नो विथ स्माइल” इस तकनीक को अपनाएं, यदि कोई भी अधिक तनाव वाला है तो उसे “से नो विथ स्माइल” कह कर टाल दे | यह तनाव को कम करने में आपकी मदद कर सकता है |

 

  • उन लोगों के साथ जुड़े, जो आपके तनाव को कम करने में मदद करते है |   

 

  • प्रत्येक दिन नियमित रूप से आराम करें, इससे आप अपने मूड को समतल रख सकते है  | 

 

  • सक्रिय रहे ! जब भी आप व्यायाम करते है तो इससे आप अपने कुछ तनाव को काफी हद तक कर लेते है और अपनी समस्याओं से बेहतर तरीके से निपटने के लिए तैयार हो जाते है | 

 

  • संतुलित भोजन का सेवन करें, यह आपके शरीर में मौजूद हैप्पी हार्मोन को बढ़ावा देता है | 
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  • यदि आप तनाव को कम करने के लिए शराब और धूम्रपान का सेवन करते है तो उसे बिल्कुल ही बंद कर दें, ऐसा करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रख सकते है |     

कुछ लोगों के लिए तनाव से जूझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वह हमेशा उदास रहते है | यदि आप में से कोई भी व्यक्ति ऐसी ही किसी परिस्थिति से गुजर रहा है तो बिना समय को देरी किये तुरंत डॉक्टर से परामर्श करे | डिप्रेशन हृदय के रोग से जुड़ा हुआ होता है और इसका समय पर इलाज करवाना बेहद ज़रूरी होता है | 

 

यदि आपको अपने तनाव से निपटने के लिए तरीकों को बदलने में मुश्किल हो रही है तो इसमें मानस हॉस्पिटल आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था में मौजूद सभी डॉक्टर पंजाब के बेहतरीन सायकार्टिस्ट में से एक है, जो पिछले 20 वर्षों से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही मानस हॉस्पिटल की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |