क्या आप भी खाने का सेवन धीरे-धीरे करते हैं? तनाव को कम करने में कैसे होता है यह फायदेमंद, जानें न्यूट्रिशनिस्ट से
दरअसल, अपने शरीर को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना सेहतमंद खाने का सेवन करना बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। पर आजकल जिस तरीके का लोगों का लाइफस्टाइल हो गया है, दरअसल उसको देखते हुए ज्यादातर लोग अपने खाने पर भी अच्छे तरीके से ध्यान नहीं देते हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में, बहुत सारे लोग समय की कमी के चलते, अपने सुबह के ब्रेकफास्ट को हाथ में ही लेकर ऑफिस के लिए निकल जाते हैं और इसके साथ ही दोपहर में मीटिंग्स के साथ लंच करते हैं और काम पर भागते हैं। इसके बाद, फिर ज्यादातर लोग घर पर देर से पहुंचते हैं और फिर मोबाइल या फिर टीवी को देखते हुए डिनर करते हैं। असल में, जब इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, तो कई बार ऐसा लगता है, कि लोग खाने को सिर्फ एक टास्क की तरह ही लेते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस तरह की आदत से न सिर्फ आपका पेट खराब होता है बल्कि इसकी वजह से आपका मानसिक संतुलन भी बिगड़ सकता है। ऐसे में अपने आप को सेहतमंद और मानसिक रूप से मजबूत रखने के लिए खाने का सेवन हमेशा धीरे-धीरे और आराम से करना चाहिए। दरअसल खाने का सेवन धीरे -धीरे करने पर हमारा तनाव काफी ज्यादा कम होता है और इस से खाने का असली स्वाद भी प्राप्त होता है। ऐसे में, कई लोगों के मन में, सवाल उठता है, कि क्या वाकई खाने का धीरे धीरे सेवन करने पर तनाव कम होता है? तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि क्या धीरे-धीरे खाना वाकई फायदेमंद होता है?
क्या धीरे-धीरे खाने का सेवन करना वाकई फायदेमंद होता है?
आज के समय में, जिस तरीके से लोग जल्दबाजी में खाने का सेवन करते हैं, एक समय पर, तो ऐसा लगता है, कि वह सिर्फ एक टास्क को पूरा कर रहे हैं। असल में, इस दौरान उन्हें पता नहीं होता कि ऐसा करने से उनका मानसिक तनाव बढ़ने का चांस काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि “बिल्कुल” खाने का सेवन हमेशा धीरे-धीरे ही करना चाहिए। असल में, धीरे-धीरे खाने का सेवन करना काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। इसलिए डॉक्टर हमेशा लोगों को धीरे-धीरे खाने की सलाह प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि कई स्टडी में भी पाया गया है कि खाने का सेवन धीरे-धीरे करने पर शरीर को कई तरह के फायदे प्राप्त होते हैं, जैसे कि
- डाइजेशन बेहतर होता है
दरअसल, इस बात को लगभग सभी जानते हैं, कि खाने को धीरे-धीरे चबाना सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। आम तौर पर, ऐसा करने से लार भोजन के साथ अच्छे तरीके से मिलती है और पेट को खाना पचाने में काफी ज्यादा आसानी होती है। आपको बता दें, कि खाने को धीरे-धीरे चबाने से पेट खराब होने, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्या काफी ज्यादा कम होती हैं। आमतौर पर, इसलिए खाने को धीरे-धीरे खाना काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
- दिमाग और पेट को जोड़ता है
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हमारे शरीर में एक गट-ब्रेन एक्सिस सिस्टम होता है, जिससे गट और दिमाग दोनों एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए होते हैं। आम तौर पर, जब खाने का सेवन धीरे धीरे किया जाता है, तो इस दौरान, असल में पेट भरे होने का अनुभव होता है। दरअसल, इससे पेट में GLP-1, PYY हार्मोन को रिलीज होने का समय मिलता है, आम तौर पर, जिसकी वजह से दिमाग को संकेत मिलता है कि अब पेट पुरे
तरीके से भर चुका है, या फिर भर गया है। इसकी सहायता से ज्यादा खाने की संभावना काफी ज्यादा कम हो जाती है।
क्या धीरे-धीरे खाने का सेवन करने से तनाव की समस्या कम होती है?
दरअसल, इस बारे में डॉक्टर का कहना है, कि धीरे-धीरे खाने का सेवन करना एक माइंडफुल प्रैक्टिस होती है, आम तौर पर जिसमें एक व्यक्ति का खाने के समय सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान रहता है। इसके साथ ही उसका पूरा ध्यान खाने को चबाने पर होता है। इस दौरान, खाने का सेवन धीरे-धीरे करने पर दिमाग का ध्यान इधर-उधर नहीं भटकता, बल्कि वह अपने एक ही काम पर फोकस बनाये रखता है। आम तौर पर, ऐसा होने पर शरीर को काफी ज्यादा आराम प्राप्त होता है, दिल की हार्ट बीट भी धीमी हो जाती हैं और साथ ही इससे तनाव भी काफी ज्यादा कम होता है। इसलिए, खाने के दौरान जो लोग खाने का सेवन धीरे-धीरे खाते हैं, दरअसल, उनको काफी ज्यादा आराम महसूस होता है। आम तौर पर, ऐसे कई मामलों में पाया गया है, कि धीरे-धीरे खाने का सेवन करने वाले लोगों को चिंता से काफी ज्यादा राहत प्राप्त होती है।
खाना खाने में कितना समय देना चाहिए?
दरअसल, इस बारे में डॉक्टर का कहना है, कि एक पूरे खाने को अच्छे तरीके से खाने के लिए कम से कम 20 से 30 मिनट तक समय देना चाहिए।
निष्कर्ष : दरअसल, खाने का धीरे-धीरे सेवन करना न केवल शरीर के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि इससे हमारे पेट को भी काफी ज्यादा आराम मिलता है। पेट को आराम प्राप्त होने पर मानसिक स्वास्थ्य में काफी ज्यादा सुधार होता है। यह एक वैज्ञानिक तरीका है, जिससे भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव कम करने में मदद मिलती है। इसलिए सभी को खाना धीरे-धीरे ही खाना चाहिए। अगर ऐसा करने के बावजूद भी आप का तनाव कम नहीं हो रहा है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मानस अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।