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बाइपोलर डिसऑर्डर क्या होता है, म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर रैपर हनी सिंह से जाने कैसे मिली उन्हें इस बीमारी से मुक्ति ?

September 28, 2024

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क्या होगा जब आपको यह लगने लगे की पूरी दुनिया आपके खिलाफ हो गयी है और आपके खिलाफ साजिश रचने लग गयी है ? अचानक से आपकी बेचैनी बढ़ जाये, आपके मन में पूरी नेगटिविटी भरी हुई हो, यदि आपके आपके आस-पास कोई बात कर रहा है तो ऐसा वह आपके खिलाफ साज़िश कर रहे है, ख़ुदकुशी करने का बार-बार मन करता है और भी ऐसे ही कुछ नेगटिव विचार का बार-बार मन में आना ! यह सब बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रमुख लक्षण है | यह एक ऐसी मानसिक बीमारी है, जिससे पीड़ित व्यक्ति अपने निगेटिव विचारों पर दृढ़ता से विश्वाश करने लग जाता है | कोई उस व्यक्ति को कितना भी यकीन दिलाएं, लेकिन उस पर किसी भी बात क असर नहीं होता है | 

 

म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर कलाकार और रैपर हनी सिंह ने यह इंटरव्यू वीडियो में यह बताया कि वह भी पांच साल तक इस बीमारी से पीड़ित थे, लेकिन वह अब पूर्ण रूप से ठीक हो गए है | उन्होंने यह भी बताया की जब वह इस बीमारी से जूझ रहे तो उन्हें ऐसा लगता था की उनकी वास्तविकता ही सचाई है, जो की बिलकुल सच नहीं होता था | लेकिन अब उन सभी डॉक्टर वह शुक्रिया करना चाहते है, जिन्होंने उनका इलाज कर इस समस्या में छुटकारा दिलाया है | मानस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर राजीव गुप्ता ने भी इस विषय पर बहुत कुछ बताया है आइये जानते है बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में विस्तार पूर्वक से :- 

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बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है ? 

 

डॉक्टर राजीव गुप्ता ने यह बताया की बाइपोलर डिसऑर्डर एक ऐसी मानसिक स्थिति होती है जिससे पीड़ित व्यक्ति वास्तिवकता और उसके मन में उत्पन्न नेगेटिव विचार को सच मानने लग जाता है | बाइपोलर डिसऑर्डर मानसिक से जुडी एक गंभीर समस्या है, जिसका समस्या रहते इलाज करवाना बेहद महत्वपूर्ण होता है | जैसे की इसके नाम से पता चल रहा है की इसके दो पोल होते है | पहला पोल को मेनिया कहा जाता है, इस स्थिति में व्यक्ति का मन बहुत ही ज़्यादा उत्तेजित हो जाता है, अचानक से उसके शरीर में ऊर्जा भर जाती है, नींद बिलकुल नहीं आती, खुद के साथ बहुत बातें करने लग जाता है और मरीज़ बहुत जोखिम भरा काम करने लग जाता है | दूसरे पोल को डिप्रेशन  कहा जाता है, इस स्थिति में व्यक्ति उदासी, निराशा, बेचैनी और थका हुआ महसूस करता है | इसके साथ ही व्यक्ति का मन किसी भी काम को करने में नहीं लगता और अक्सर अकेला रहता है |  

 

एक शोध से पता चला है कि बाइपोलर डिसऑर्डर 15 से 35 वर्ष के लोगों को होने की संभावना सबसे अधिक होती है | लेकिन इस बीमारी से महिलाएं और पुरुष दोनों ही प्रभावित हो सकते है | वैसे तो यह बीमारी हर तरह के लोगों को प्रभावित कर सकती है, परन्तु जो व्यक्ति नशीली पदार्थों का सबसे अधिक सेवन करता है, उसमें यह बीमारी होने का जोखिम कारक सबसे अधिक होता है | 

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नशीली पदार्थ बाइपोलर डिसऑर्डर को बढ़ावा देती है 

 

डॉ राजीव गुप्ता ने यह भी बताया की जो व्यक्ति चरस, गांजा, शराब और भांग जैसे नशीली पदार्थों का सेवन करता है, उनमें  बाइपोलर डिसऑर्डर होने का खतरा और भी बढ़ जाता है | हनी सिंह ने भी बताया था की उन्हें भी यह बीमारी नशीली पदार्थों के सेवन करने से ही हुई थी, हालाकिं शराब पीने वाले लोगों को इससे ज्यादा खतरा नहीं है | लेकिन अब डॉक्टर ने भी इस बात के सिरे पर खारिज कर दिया है | जब बाइपोलर डिसऑर्डर का स्तर बढ़ जाता है, तो इससे साइकोसिस की समस्या उत्पन्न हो जाती है | आइये जानते है क्या है साइकोसिस :-  

 

साइकोसिस क्या होता है ? 

 

किसी भी मरीज़ को अधिक समय तक बाइपोलर डिसऑर्डर होने पर वह साइकोसिस की समस्या का शिकार हो जाता है | इससे बाइपोलर डिसऑर्डर का उन्नत भी कहा जाता है | इस स्थिति में पीड़ित मरीज़ को अवास्तविक चीज़ें वास्तविक लगने लग जाती है | उस मरीज़ को ऐसा लगने लग जाता है की उसके आसपास सभी लोग उसके खिलाफ है, साज़िशे रच रहे है और उनके सभी कामो में पानी फेरना चाहते है | कोई कितने भी उस मरीज़ को यकीन दिला दे, लेकिन उस मरीज़ को अपनी कल्पनाओं पर दृढ़ विश्वाश हो जाता है और वह किसी की बात को नहीं सुनता है |      

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बाइपोलर डिसऑर्डर से कैसे करें बचाव ? 

 

बाइपोलर डिसऑर्डर से बचने का सिर्फ एक ही तरीका है नशीली पदार्थों का सेवन करना बिलकुल छोड़ दें और इससे दूर रहने की कोशिश करें | ऐसा करने से आप इससे पड़ने वाले प्रभावों को कम करने की कोशिश कर सकते है | यदि आप बाइपोलर डिसऑर्डर का शिकार हो गए है तो तुरंत मनोचिकित्सक के पास जाएं और अपना इलाज की प्रक्रिया को शुरू करवाएं | इस बात का ध्यान रखें की  जब तक आपका इलाज चल रहा है, तब तक आप अपने मनोचिकित्सक डॉक्टर के साथ लगातार संपर्क रखें और डॉक्टर द्वारा बताये गए मार्गदर्शन का ही अनुसरण करें | 

 

यदि आप में से कोई भी व्यक्ति बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित है तो इलाज के लिए आप मानस हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था में मौजूद सभी डॉक्टर पंजाब के सर्वश्रेष्ठ सायिकार्टिस्ट में से एक है, जो पिछले कई वर्षों से पीड़ित मरीज़ों का सटीकता से इलाज कर रहे है इसलिए परामर्श के लिए आज ही मानस हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |