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High stress man holding head with headache, stress, and anxiety concept.

ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और कैसे किया जाता है इलाज ?

November 22, 2024

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ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार को एक ऐसी बीमारी के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसके वजह से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार कुछ करने की इच्छा होती है या फिर अवांछित सवेदनाएं और विचार उत्पन्न होते है | हालांकि ओसीडी कई प्रकार के होते है, लेकिन इसके ज़्यादातर मामलों में मुख्य चार सामान्य श्रेणियां शामिल होती है, जांच करना, संदूषण, समरूपता और दखल देने विचार का बार-बार उत्पन्न होते है | आइये जानते है ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार को विस्तारपूर्वक से :- 

 

Emergency nurse sitting alone in hospital corridor, waiting for patients or staff.

 

ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार क्या होता है ? 

ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार एक ऐसा विकार होता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति में आवर्ती संवेदनाएं, विचार और किसी चीज़ को करने के लिए जूनून होता है, जो उससे वह काम को बार-बार करने में मज़बूर करते है | इसके अलावा बार-बार कई तरह के व्यवहार करना जैसे की सफाई करना, आसपास पड़े चीज़ो की जांच करना या फिर सामाजिक बातचीत के दौरान बार-बार हाथों को धोना आदि आपके दैनिक कार्यों में हस्ताक्षेप कर सकते है | 

 

ओसीडी कोई नाखून को काटने या फिर केवल नकारात्मक विचार सोचने वाले जैसी बुरी आदत नहीं होती है | इस स्थिति को एक जुनूनी विचार की तरह समझा जा सकता है, जिसमें कुछ रंग, संख्या या फिर अक्षर अच्छे-बुरे हो सकते है | एक गन्दी सतह या फिर वस्तु को छूने के बाद बार-बार हाथ धोना एक बाध्यकारी व्यवहार हो सकता है | दरअसल ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा लग सकता है की वह इस चीज़ों को वह पसंद नहीं करते या फिर करना नहीं चाहते, लेकिन वह इन्हे बंद करने के लिए शक्तिहीन हो जाते है | 

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आपके कुछ विचार या फिर कुछ आदतें ऐसे ज़रूर होएंगे, जिसे आप बार-बार दोहराते हो | लेकिन अगर ओसीडी आप में विकसित हो रहा है तो इसके प्रति आपका जूनून और विचार दोनों ही बदल सकते है | आपके मन में ऐसे विचार उजागर हो सकते है या फिर ऐसे कार्य हो सकते है, जिसको आप नियंत्रण करने से असमर्थ हो जाते है, जो आपके दिन एक बहुत बड़ा समय ले लेगा और आपके दैनिक दिनाचार्य में हस्तक्षेप करेगा | 

 

ओसीडी से पीड़ित बहुत से लोगों को यह पता होता है की उनका जूनून झूठा होता है, लेकिन यह सब जानने के बावजूद वह इससे नियंत्रित करने में असमर्थ हो जाते है और इसके विपरीत कई लोग इस जूनून को सच मानने लग जाते है | आइये जानते है ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार के मुख्य लक्षण और कारण क्या है :- 

 

ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार के मुख्य लक्षण 

ओसीडी के ज्यादातर मामलों में यह लोगों में जूनून और मज़बूरी दोनों ही तरह से विकसित होते है | हालांकि कई बार बहुत से लोगों में केवल जूनून विकसित होता है और कई लोगों में केवल मज़बूरियां :- 

 

जूनून से जुड़े लक्षण 

 

  • जब पीड़ित व्यक्ति के सामने पड़ा सामान किसी विशेष स्थान में स्थित नहीं होता तो उसे तीव्र तनाव होने लग जाता है | 
  • अन्य लोगों द्वारा छुई गयी वस्तुओं या फिर सतहों को छूने से दूषित होने का डर रहना | 
  • सिर में अप्रिय मानचित्र का बने रहना |
  • चूल्हे या फिर द्वारवाज़े को बंद करने के बाद भी, उसके बारे में बार-बार संदेह होना 
  • लोगों के समूहों में कार चलाने की छवियां होना | 
  • ऐसी स्थिति से दूर रहना, जो जूनून को उत्पन्न कर सकता है, जैसे की हाथ मिलाना 
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मज़बूरी से जुड़े लक्षण 

           

  • दरवाज़े और खिड़कियों का कई बार जांच करके यह सुनिश्चित करना की वह ठीक से बंद है या फिर नहीं | 
  • हाथों को लगातार तब तक धोना, जब तक आपके हाथों की त्वचा कच्ची न हो जाएं | 
  • एक निश्चित पैटर्न में गिनती करना 
  • चूल्हे के बंद होने बावजूद भी उसको बार-बार चेक करना |
  • सामने पड़े वस्तुओं को एक निश्चित पैटर्न में व्यवस्थित करना | 
  • किसी शब्द, वाक्य या फिर प्रार्थना को बार-बार दोहराना 

 

Overwhelmed man in cluttered office with neon "ALONE" sign in background.

 

यदि आप या फिर आपका कोई परिजन ऐसी परिस्थिति से गुजर रहा तो  इलाज के लिए चिकित्सा सहायता लें, इसके लिए आप मानस हॉस्पिटल से भी परामर्श कर सकते है | यह संस्था शीघ्र निदान और उपचार प्राप्त करने में आपकी सहायता कर सकती है, जिससे ओसीडी को बिगड़ने या फिर दैनिक गतिविधियों को रोकने में मदद मिल सकती है |    

 

ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार के मुख्य कारण 

ओसीडी होने के सटीक कारणों का अभी तक पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन कुछ कारक है, जो इसके लक्षणों को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका को निभा सकते है, जिनमें शामिल है :-

 

  • अनुवांशिक कारण 
  • मस्तिष्क में असमानताएं होना 
  • वातावरण 
  • पहले से लगी सिर में चोट 
  • किसी प्रकार का संक्रमण 
  • शारीरिक या फिर शोषण का इतिहास होना 
  • मस्तिष्क में सेरोटोनिन रसायन का कम होना 
  • मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में असामान्य कार्य का होना आदि | 
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ओसीडी यानी अनियंत्रित जुनूनी विकार का कैसे किया जाता है इलाज ?  

ओसीडी का इलाज दवा और थेरेपी के संयोजन से किया जा सकता है :- 

 

दवा 

ओसीडी के इलाज के लिए डॉक्टर आपको अवसादरोधी, मनोविकार रोधी और मधुमेह स्थिर करने वाली दवाओं को निर्धारित कर सकता है | इनमें से सेरोटोनिन को लक्षित करने वाली दवाएं सबसे आम होते है | यह दवाएं कम से कम दो से तीन महीने तक चल सकती है | 

 

थेरेपी 

ओसीडी के इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा सीबीटी थेरेपी का उपयोग किया जाता है | इस थेरेपी की प्रक्रिया में पीड़ित व्यक्ति के जुनूनी विचारों को ट्रिगर करने वाली स्थिति के बारे में अवगत कराया जाता है | इसके अलावा इसमें व्यक्ति को चिंता को सहन करना और मज़बूरियों का विरोध करने के तरीके को सिखने में मदद मिलती है |  

     

ओसीडी मानसिक से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर इलाज करना बेहद ज़रूरी होता है | यदि आप में से कोई भी व्यक्ति ओसीडी जैसे विकार से पीड़ित है तो इलाज के लिए आप डॉक्टर राजीव गुप्ता से मिल सकते है | डॉक्टर राजीव गुप्ता पंजाब के सर्वोत्तम सायकार्टिस्ट में से एक है, जो इस समस्या को मुक्ति पाने में आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इसलिए आज ही मानस हॉस्पिटल की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और परामर्श के लिए अपनी नियुक्ति को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर उनसे बातचीत कर सकते है |