Blog


these-3-bad-habits-can-silently-increase-your-stress-quit-them-immediately

आपके तनाव को चुपचाप बढ़ा सकती हैं, यह 3 बुरी आदतें, तुरंत छोड़ें

November 6, 2025

2781 Views

हमारी रोज की आदतें, वह क्रियाएँ या फिर व्यवहार होते हैं, जो हम रोजाना अपनी जिंदगी में करते हैं। असल में, जीवन उन आदतों का जोड़ होता है, जिस को हम रोजाना करते हो। दरअसल, हमको अक्सर ऐसा लगता है, कि एक व्यक्ति की जिंदगी में तनाव किसी बड़ी घटना के बाद आता है, या फिर किसी अपने के चले जाने के बाद होता है। लेकिन असल बात तो यह है, कि हमारी कई रोजाना की आदतें भी धीरे-धीरे हमारे तनाव के स्तर को बढ़ाती रहती हैं और हमको इसका अहसास भी नहीं होता है। अपने शरीर और अपने दिमाग को सेहतमंद रखने के लिए इस तरह की आदतों के बारे में जानना, इन को पहचानना और इन आदतों को समय रहते बदलना काफी ज्यादा जरूरी होता है। आम तौर पर, क्योंकि लम्बे समय तक बने रहने वाला तनाव, आपके शरीर और दिमाग दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। असल में, आपका शरीर एक मंदिर की तरह होता है, जहाँ पर आपकी आत्मा निवास करती है, इसलिए, इस की अच्छे तरीके से देखभाल करना आपकी ख़ास जिम्मेदारी होनी चाहिए। तो चलिए इस लेख के माध्यम से, इसके डॉक्टर से, वह 5 बुरी आदतों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे, जो चुपचाप तनाव को बढ़ाती हैं। 

  1. लगातार स्क्रीन देखना
See also  Increased cases of depression and insomnia due to COVID-19 trauma

अपनी रोजाना की जिंदगी में लगातार मोबाइल या सोशल मीडिया को चेक करते रहना, यह तनाव का एक बहुत बड़ा कारण होता है। डॉक्टर के अनुसार इस स्थिति में एक व्यक्ति के शरीर में कोर्टिसोल यानि कि तनाव का हार्मोन बढ़ता है, जो एक व्यक्ति के अंदर थकान और चिड़चिड़ेपन की भावना को पैदा करता है। इसके इलावा, आपके मोबाइल में आना वाला नोटिफिकेशन या ईमेल को देखने से दिमाग अक्सर सतर्क रहता है और बिलकुल भी आराम नहीं कर पाता, जिससे तनाव बढ़ता है। अगर आप दिन में तय किये समय पर ही मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं और डिजिटल डिटॉक्स में शामिल होते हैं, तो तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  1. नींद की कमी

हर दिन एक ही वक्त पर सोना और उठना जैसी आदतों को बनाने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। पर अक्सर नींद की कमी और खराब नींद की आदतें, जैसे कि देर रात तक जागते रहना, या फिर अपने सोने का सही समय बिलकुल भी न बनाना आदि से तनाव बढ़ता है और शरीर की सर्केडियन ताल में रूकावट पैदा होती है। इस तरह की स्थिति पैदा होने पर एक व्यक्ति का मूड खराब रहता है और चिंता में बढ़ोतरी होती है। 

  1. जरूरत से ज्यादा काम करना
See also  Is It True That Counseling Or Talk Therapy Can Help With Depression?

जरूरत से ज्यादा काम करना सेहत और दिमाग दोनों के लिए सही नहीं होता है, इससे तनाव में बढ़ोतरी होती है। ऑफिस के या फिर बाहर के हर काम के लिए ‘हां’ कहने की आदत भी एक छुपे हुए तनाव को बढ़ाती है। दरअसल, हद से ज्यादा जिम्मेदारियां अपने सिर पर लेने से आप खुद के लिए बिलकुल भी वक्त नहीं निकाल पाते हैं, जिसकी वजह से दिमाग और शरीर काफी ज्यादा थका हुआ और बेचैन महसूस करता है, जिससे तनाव बढ़ता है। इसलिए बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है, कि आप इस चीज की सीमाओं को तय करें, अपने आराम के लिए काफी वक्त निकालें और सबसे बड़ी बात ‘ना’ कहना सीखें।

See also  What is the connection between PBA, Depression, and Bipolarism?

निष्कर्ष:

अक्सर, ऐसा सभी को लगता है, कि एक व्यक्ति की जिंदगी में तनाव किसी बड़ी घटना, या फिर किसी अपने के चले जाने से आता है, पर तनाव अक्सर बड़ी घटनाओं से नहीं होते। तनाव हमारी जिंदगी की दूसरी आदतें, जैसे ज्यादा समय तक मोबाइल फ़ोन चलाना, नींद की कमी होना और जरूरत से ज्यादा काम करना, ये सभी मिलकर तनाव के हार्मोन को बढ़ाते हैं। खुद को छिपे हुए तनाव से बचाने के लिए और एक सेहतमंद जीवन जीने के लिए, संतुलित दिनचर्या, नियमित एक्सरसाइज और सही नींद जैसी आदतों को अपनाया जा सकता है। अगर आपका भी इन खराब आदतों की वजह से तनाव बढ़ रहा है, और आप इसका इलाज या इससे के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप आज ही मानस हस्पताल में जाकर अपनी अपिंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।